राष्ट्रीय शहरी उपजीविका मिशन (NULM)

राष्ट्रीय शहरी उपजीविका मिशन (National Urban Livelihoods Mission – NULM), ज्याला दीनदयाल अंत्योदय योजना-शहरी (DAY-NULM) असेही म्हटले जाते, ही भारत सरकारची केंद्र पुरस्कृत योजना आहे. या योजनेचा मुख्य उद्देश शहरी गरीब कुटुंबांची गरीबी व असुरक्षितता कमी करणे तसेच त्यांना शाश्वत उपजीविकेच्या संधी उपलब्ध करून देणे हा आहे. ही योजना स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना (SJSRY) यांच्या जागी 24 सप्टेंबर 2013 पासून अंमलात आणण्यात आली.

National Urban Livelihoods Mission (NULM)

मुख्य उद्देश्य

NULM का उद्देश्य है:
✔️ शहरी गरीबों को स्व-रोजगार और कुशल वेतन-रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना
✔️ शहरी बेघरों को आश्रय और बुनियादी सेवाएँ प्रदान करना
✔️ शहरी सड़क विक्रेताओं को कौशल, स्थान, सामाजिक सुरक्षा और संस्थागत ऋण तक पहुंच सुनिश्चित करना
✔️ गरीबों को आर्थिक और सामाजिक समावेशन के अवसर देना
✔️ स्थानीय स्तर पर गरीबों के लिए मजबूत संस्थाओं का निर्माण करना ताकि उनके आजीविका अवसर स्थायी बन सकें

लाभार्थी (Target Beneficiaries)

🔹 शहरी गरीब व्यक्ति/परिवार
🔹 शहरी बेघर व्यक्ति
🔹 शहरी सड़क विक्रेता/वेंडर
🔹 सामाजिक रूप से पिछड़े/वंचित समूह जैसे SCs, STs, महिला-प्रधान परिवार, दिव्यांग आदि

मुख्य घटक (Components of NULM)

1) 👥 Social Mobilisation & Institutional Development (SM&ID)

• गरीबों को Self-Help Groups (SHGs) और उनके संघों में संगठित करना
• बैंकिंग और वित्तीय समावेशन (बैंक खाते, ऋण, बीमा आदि)
• SHG को Revolving Fund और प्रशिक्षण देना
• City Livelihood Centres (CLCs) के माध्यम से सेवाएँ प्रदान करना

Employment through Skills Training & Placement (EST&P)

• शहरी गरीबों को बाजार-अनुकूल कौशल प्रशिक्षण देना
• प्रशिक्षण के बाद रोजगार या स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना
• महिलाओं, SC/ST और दिव्यांगों के लिए विशेष आरक्षण/लक्ष्य
• प्रशिक्षण खर्च प्रति व्यक्ति सीमा लगभग ₹15,000-₹18,000 तक
• PPP मोड में प्रशिक्षण संस्थानों के साथ साझेदारी

Self Employment Programme (SEP)

• व्यक्तिगत और समूह इकाइयों के लिए माइक्रो-एंटरप्राइज स्थापित करने में वित्तीय सहायता
• व्यक्तिगत उद्यम: अधिकतम परियोजना लागत ₹2 लाख
• समूह उद्यम: अधिकतम परियोजना लागत ₹10 लाख
• बैंक ऋण पर ब्याज सब्वेंशन (7% से ऊपर का अंतर)
• बिना ज़मानत (Collateral) के ऋण सुविधा

🏠 Shelter for Urban Homeless (SUH)

• शहरी बेघरों के लिए स्थायी, 24×7 आश्रय/शेल्टर बनाना
• पानी, बिजली, स्वच्छता, रसोई आदि जैसी बुनियादी सुविधाएँ
• स्वास्थ्य, बाल-देखभाल और अन्य सामाजिक सेवाओं के साथ लिंक-अप
• केंद्र–राज्य साझेदारी के तहत वित्त-पैटर्न लागू

Support to Urban Street Vendors (SUSV)

• सड़क विक्रेताओं के लिए कौशल, बाजार और उधार तक पहुंच
• पहचान पत्र/पंजीकरण और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना
• प्र-वेंडिंग शहरी योजनाओं और बुनियादी ढाँचे के विकास में सहायता

📚 Capacity Building & Training (CBT)

• मिशन प्रबंधन इकाइयों (राष्ट्रीय/राज्य/शहर) को क्षमता निर्माण देना
• तकनीकी सहायता और प्रशिक्षण कार्यक्रम लागू करना
• वित्त/प्रोक्योरमेंट/एमआईएस जैसे सिस्टम मजबूत करना

💡 Innovative & Special Projects (ISP)

• नए और नवोन्मेषी समाधानों को प्रोत्साहित करना
• PPP/NGO/सार्वजनिक संगठनों के साथ साझेदारी
• तकनीकी, विपणन और समर्थन ढाँचों को बढ़ावा देना

ऑपरेशन और निगरानी

NULM को Ministry of Housing and Urban Affairs (MoHUA) द्वारा लागू किया जाता है।
प्रत्येक राज्य/शहर में State Mission Management Unit (SMMU) और City Mission Management Unit (CMMU) मिशन की निगरानी और प्रगति का मूल्यांकन करते हैं।

💰 वित्तीय सहायता का ढांचा

शहरी योजनाओं के वित्त पोषण में केंद्र और राज्य सरकार दोनों भाग लेते हैं:

🔹 मुख्य राज्यों/UTs: लगभग 75% केंद्र + 25% राज्य
🔹 उत्तर-पूर्व/विशेष श्रेणी राज्यों: करीब 90% केंद्र + 10% राज्य

महत्वपूर्ण बातें

✔️ NULM शहरी गरीबों को आजीविका में स्थिरता प्रदान करने का एक समग्र मिशन है।
✔️ यह योजनाबद्ध रूप से Skill, Credit, Shelter और Social Security को जोड़ती है।
✔️ सरल ऋण प्रक्रिया के ज़रिये स्वरोजगार और समूह उद्यम को प्रोत्साहित करती है।

link-http://राष्ट्रीय शहरी उपजीविका मिशन (NULM)

NULM – 20 FAQ

1. NULM क्या है?
NULM (National Urban Livelihoods Mission) भारत सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य शहरी गरीबों को रोजगार, स्वरोजगार और आश्रय की सुविधा देना है।

2. NULM का पूरा नाम क्या है?
दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय शहरी उपजीविका मिशन (DAY-NULM)

3. NULM कब शुरू की गई?
24 सितंबर 2013 को।

4. यह योजना किस मंत्रालय के अंतर्गत आती है?
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA), भारत सरकार।

5. NULM के मुख्य लाभार्थी कौन हैं?
शहरी गरीब, शहरी बेघर, सड़क विक्रेता, महिलाएँ, SC/ST, दिव्यांग।

6. NULM का मुख्य उद्देश्य क्या है?
शहरी गरीबों को स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना।

7. NULM के मुख्य घटक कितने हैं?
7 मुख्य घटक हैं।

8. SEP (Self Employment Programme) क्या है?
स्वरोजगार के लिए ऋण और ब्याज सब्सिडी देने की योजना।

9. व्यक्तिगत उद्यम के लिए अधिकतम ऋण कितना है?
₹2 लाख तक।

10. समूह उद्यम (SHG) के लिए अधिकतम ऋण कितना है?
₹10 लाख तक।

11. क्या SEP के तहत ब्याज सब्सिडी मिलती है?
हाँ, 7% से अधिक ब्याज पर सब्सिडी मिलती है।

12. EST&P क्या है?
Employment through Skills Training & Placement – कौशल प्रशिक्षण और रोजगार दिलाने की योजना।

13. क्या प्रशिक्षण मुफ्त होता है?
हाँ, पात्र लाभार्थियों के लिए प्रशिक्षण निःशुल्क होता है।

14. SUH योजना किसके लिए है?
शहरी बेघर लोगों के लिए आश्रय (Shelter) उपलब्ध कराने हेतु।

15. सड़क विक्रेताओं के लिए कौन-सा घटक है?
SUSV – Support to Urban Street Vendors।

16. क्या महिलाएँ NULM में प्राथमिकता में हैं?
हाँ, महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्राथमिकता दी जाती है।

17. NULM के तहत SHG क्या है?
Self Help Group – गरीब लोगों का स्व-सहायता समूह।

18. आवेदन कहाँ किया जाता है?
नगर पालिका / नगर निगम / CMMU कार्यालय में।

19. NULM में केंद्र-राज्य फंडिंग अनुपात क्या है?
सामान्य राज्य: 75:25
विशेष राज्य: 90:10

20. NULM का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास और सामाजिक सुरक्षा।

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