संपूर्ण मराठी व्याकरण समानार्थी शब्द 1

संपूर्ण मराठी व्याकरण समानार्थी शब्द⭕️

संपूर्ण मराठी व्याकरण समानार्थी शब्द 1

परिश्रम = कष्ट, मेहनत   

पती = नवरा, वर 

पत्र = टपाल 

पहाट = उषा  

परीक्षा = कसोटी 

पर्वा = चिंता, काळजी 

पर्वत = डोंगर, गिरी,

अचल  पक्षी = पाखरू, खग,

विहंग प्रकाश = उजेड 

प्रवास = सफर, फेरफटका,

पर्यटन प्रवासी = वाटसरू

प्रजा = लोक  प्रत – नक्कल

प्रदेश = प्रांत  प्रवास = यात्रा    

प्राण = जीव  पान = पत्र, पत्ता 

प्रासाद = वाडा  पाखरू = पक्षी

पाऊल = पाय, चरण

पाऊलवाट = पायवाट

प्रार्थना = स्तवन 

प्रामाणिकपणा = इमानदारी

प्रारंभ = सुरुवात, आरंभ  

प्रेम = प्रीती, माया, जिव्हाळा

प्रोत्साहन = उत्तेजन पाऊस = वर्षा,

पर्जन्य  पाणी = जल, नीर, तोय,

उदक पिशवी = थैली  पुस्तक = ग्रंथ

पुतळा = प्रतिमा, बाहुले पुरातन = प्राचीन 

पृथ्वी = धरणी, जमीन, वसुंधरा, वसुधा  

फलक = फळा   

फांदी शाखा  फूल = पुष्प,

सुमन, कुसुम बदल = फेरफार,

कलाटणी  बर्फ = हिम   बहीण = भगिनी बक्षीस = पारितोषिक, पुरस्कार  बाग = बगीचा, उद्यान, वाटिका  बासरी = पावा बेत = योजना बाळ = बालक  बाप = पिता, वडील, जनक  बादशाहा = सम्राट बुद्धी = मती  ब्रीद = बाणा    भरवसा = विश्वास  भरारी = झेप, उड्डाण  भव्य = टोलेजंग भाट = स्तुतिपाठक  भारती = भाषा, वैखरी भांडण = तंटा   भाळ = कपाळ  भाऊ = बंधू, सहोदर,भ्रता भेसळ = मिलावट भेदभाव = फरक भोजन = जेवण    मदत = साहाय्य  ममता = माया, जिव्हाळा, वात्सल्य  मन = चित्त, अंतःकरण मजूर = कामगार  महिना = मास महिला = स्त्री, बाई, ललना  मजूर = कामगार मस्तक = डोके, शीर, माथा   मानवता = माणुसकी  मान = गळा   मंगल = पवित्र  मंदिर = देऊळ, देवालय   मार्ग = रस्ता, वाट म्होरक्या = पुढारी, नेता   मित्र = दोस्त, सोबती, सखा, सवंगडी मिष्टान्न = गोडधोड मुलगा = पुत्र, सुत, तनय  मुलगी = कन्या, तनया   मुद्रा = चेहरा, मुख, तोंड, वदन  मुख = तोंड, चेहरा  मुलुख = प्रदेश, प्रांत, परगणा  मेहनत = कष्ट, श्रम, परिश्रम मैत्री = दोस्ती मौज = मजा, गंमत यश = सफलता  युक्ती = विचार, शक्कल  युद्ध = लढाई, संग्राम, लढा, समर  योद्धा = लढवय्या  रक्त = रुधिर  रणांगण = रणभूमी, समरांगण  राग = क्रोध, संताप, चीड  राजा = नरेश, नृप  राष्ट्र = देश  रांग = ओळ  रात्र = निशा, रजनी, यामिनी रान = वन, जंगल, अरण्य, कानन रूप = सौंदर्य रुबाब = ऐट, तोरा   रेखीव = सुंदर, सुबक  लग्न = विवाह, परिणय   लाट = लहर  लाज = शरम,  लोभ = हाव वस्त्र = कपडा  वारा = वात, पवन, अनिल, मारुत, समीर, वायू  वाट = मार्ग, रस्ता  वाद्य = वाजप  वातावरण = रागरंग वेग = गती वेळ = समय, प्रहर वेळू = बांबू  वेश = पोशाख वेदना = यातना   विश्रांती = विसावा, आराम वितरण = वाटप, वाटणी  विद्या = ज्ञान  विनंती = विनवणी  विरोध = प्रतिकार, विसंगती विसावा = विश्रांती, आराम   विश्व = जग, दुनिया   वीज = विद्युर, सौदामिनी  वृत्ती = स्वभाव  वृद्ध = म्हातारा  वैराण = ओसाड, भकास, उजाड  वैरी = शत्रू, दुष्मन  वैषम्य = विषाद  व्यवसाय = धंदा  व्याख्यान = भाषण   शरीर = देह, तनू, काया, कुडी, अंग शक्ती = सामर्थ्य, जोर, बळ  शर्यत = स्पर्धा, होड, चुरस  शहर = नगर शंकर = चंद्रचूड   श्वापद = जनावर  शास्त्रज्ञ = वैज्ञानिक  शाळा = विद्यालय  शाळुंका = शिविलिंग शेत =  शिवार, वावर, क्षेत्र शिवार = शेत, वावर  शीण = थकवा  शील = चारित्र्य शीतल = थंड, गार  शिक्षा = दंड, शासन   श्रम = कष्ट, मेहनत   सकाळ = प्रभात, उष:काल सचोटी = खरेपणा  सफाई = स्वच्छता  सवलत = सूट  सजा = शिक्षा  सन्मान = आदर  संकट = आपत्ती संधी = मोका संत = सज्जन, साधू संपत्ती = धन, दौलत, संपदा सायंकाळ = संध्याकाळ  सावली = छाया    साथी = सोबती, मित्र, दोस्त, सखा  स्तुती = प्रशंसा  स्पर्धा = चुरस, शर्यत, होड, पैज स्थान = ठिकाण, वास, ठाव   स्त्री = बाई, महिला, ललना संध्याकाळ = सायंकाळ, सांज  स्फूर्ती = प्रेरणा  स्वच्छता = झाडलोट सुवास = सुगंध, परिमल, दरवळ  सुंदर = सुरेख, रमणीय, मनोहर, छान  सागर = समुद्र, सिंधू, रत्नाकर, जलधी सावली = छाया   सामर्थ्य = शक्ती, बळ साहित्य = लिखाण सेवा = शुश्रूषा     सिनेमा = चित्रपट, बोलपट  सिंह = केसरी, मृगराज, वनराज सुविधा = सोय  सुगंध = सुवास, परिमळ, दरवळ सूत = धागा, दोरा सूर = स्वर   सूर्य = रवी, भास्कर, दिनकर, सविता  सोने = सुवर्ण, कांचन, हेम सोहळा = समारंभ  हद्द = सीमा, शीव  हल्ला = चढाई  हळू चालणे = मंदगती हकिकत = गोष्ट, कहाणी, कथा  हात = हस्त, कर, बाहू  हाक = साद  हित = कल्याण  हिंमत = धैर्य  हुकूमत = अधिकार  हुरूप = उत्साह  हुबेहूब = तंतोतंत  हेका = हट्ट, आग्रह